केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता मे नोएडा में ऊपरी यमुना पुनरीक्षण समिति की 9वीं बैठक हुई आयोजित

सलमान, तरूण समाचार
नई दिल्ली, 27 नवम्बर – हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि ऊपरी यमुना पुनरीक्षण समिति से जुड़े सभी अंतर्राज्यीय जल परियोजनाओं की प्रगति को तेज करना बेहद जरूरी है। उन्होंने 1994 के जल-बंटवारा समझौते यमुना जल प्रबंधन तथा रेणुका, किशाऊ और लखवार जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की धीमी गति पर चिंता जताई। इन परियोजनाओं के समय पर पूर्ण होने से हरियाणा और दिल्ली की भविष्य की जल आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में नोएडा सेक्टर 62 में आयोजित ऊपरी यमुना पुनरीक्षण समिति की 9वीं बैठक मे सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच विद्युत घटक की लागत साझेदारी को लेकर विवाद के कारण रुकी हुई है। उन्होंने इस मुददे के समाधान के लिए सभी संबंधित राज्यों की संयुक्त बैठक जल्द आयोजित करने का आग्रह किया ताकि परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, उत्तराखंड के सिंचाई मंत्री श्री सतपाल जी महाराज, राजस्थान के सिंचाई मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत और दिल्ली के सिंचाई मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक में मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने रेणुका और लखवार परियोजनाओं की नियमित निगरानी के लिए उच्च-स्तरीय मासिक समीक्षा बैठकें कराने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से हरियाणा और दिल्ली दोनों की भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। मंत्री ने उम्मीद जताई कि समिति द्वार इन सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करके आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यमुना जल परियोजनाओं में तेजी आने से प्रदेश में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और पेयजल आपूर्ति से लेकर सिंचाई तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लाभ होगा।