सुशासन की धारणा पर चलते हुए विभिन्न सेवाएं और योजनाएं दी जा रही है ऑनलाईन- राज्यमंत्री कमलेश ढांडा
आमजन की समस्याओं को किया जा रहा है प्राथमिकता से दूर पुरानी व्यवस्थाओं को बदलकर लाभार्थी तक सीधा लाभ पहुंचाना किया गया है सुनिश्चित
चण्डीगढ, 25 दिसम्बर – हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन की धारणा पर चलते हुए विभिन्न सेवाएं और योजनाएं ऑनलाईन व्यवस्था के माध्यम से दी जा रही है। आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता से दूर किया जा रहा है और सरकार ने पुरानी व्यवस्थाओं को बदलकर लाभार्थी तक सीधा लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया है, जिससे संबंधित व्यक्ति को सीधा लाभ मिल रहा है।
राज्यमंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा ने यह बात कैथल में जिला स्तरीय सुशासन दिवस कार्यक्रम के दौरान कही। इस दौरान सांसद एवं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष नायब सिंह सैनी, विधायक लीला राम उपस्थित रहे। सुशासन दिवस पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन तथा पटवारियों को टैब वितरित किए।
श्रीमती कमलेश ढांडा ने कहा कि आमजन के कार्यों को सरलता प्रदान करते हुए अटल सेवा केंद्र, अंत्योदय सरल केंद्र, सरल केंद्र स्थापित किए गए हैं। आमजन की परेशानियों के समाधान के लिए सीएम विंडो एक बेहतरीन माध्यम साबित हो रहा है, जहां कोई भी व्यक्ति अपनी परेशानी को तथ्यों के साथ रखता है और उनकी परेशानी का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होता है। देश में सबसे पढ़ी-लिखी पंचायत और पालिका यदि कहीं पर है तो वह हरियाणा में है। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के कुशल मार्गदर्शन और सानिध्य में प्रदेश व जिला स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का सपना देखते हुए वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चलाई और उसके कारण आज हरियाणा का हर गांव पक्की सड़क से जुड़ गया है।
उन्होंनेे कहा कि मुझे खुशी है कि आज प्रदेश में महिला एवं बाल विकास की बहुत ही अहम योजना की शुरूआत हुई है। आज प्रदेश में आंगनवाडी कार्यकर्ताओं, पोषण अभियान से जुडे कर्मचारियों, अधिकारियों को 28 हजार 484 स्मार्ट फोन के वितरण की प्रक्रिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी करने व उसमें बढ़ोतरी के लिए पोषण अभियान चला रहा है। पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन इस अभियान की सबसे मजबूत कड़ी है और पूरी व्यवस्था में अहम जिम्मेदारी निभाने वाली हजारों आंगनवाडी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ को स्मार्ट फोन दिए जा रहे हैं, ताकि वो अपने काम को सरल तरीके से कर सकें। विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करने में स्मार्ट मोबाइल फोन की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। पोषण ट्रैकर, बाल संवर्धन पोर्टल समेत सभी जरूरी कामकाज ऑनलाइन रिपोर्टिंग से जुड़े होने से यह जरूरी हो गया था।